यदि आप और मुंबई के डार्क इतिहास में रुचि रखते हैं, तो यह एक शानदार डॉक्यूमेंट्री है। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देती है कि न्याय और अपराध के बीच की रेखा कितनी धुंधली हो सकती है।
कुछ आलोचकों का मानना है कि फिल्म पुलिस के पक्ष को ज्यादा ग्लोरिफाई (महिमामंडन) करती है और उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की गहराई में नहीं जाती।
फिल्म केवल दाऊद इब्राहिम या छोटा राजन के बारे में नहीं है; यह उस के बारे में है जिसने उन्हें खत्म करने के लिए 'एनकाउंटर' को एक हथियार बनाया। कहानी को पुलिस अधिकारियों (जैसे प्रदीप शर्मा और रवींद्र आंग्रे) और उस दौर को कवर करने वाले पत्रकारों के नजरिए से सुनाया गया है। 2. मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
यह फाइल नाम का है, जो 2023 में Netflix पर रिलीज हुई एक क्राइम डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।
इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों ऑडियो ट्रैक होने चाहिए, जिससे आप अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। 4. फिल्म की कमियां
फिल्म का टोन डार्क और 'ग्रिटी' है, जो मुंबई के अंडरवर्ल्ड के माहौल को बखूबी दर्शाता है।
यह डॉक्यूमेंट्री दिखाती है कि कैसे पुलिस ने कानून को अपने हाथ में लिया। यह सवाल उठाती है कि क्या ये एनकाउंटर शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी थे या ये पुलिस की अपनी सत्ता का खेल था।
इसका मतलब है कि यह सीधे नेटफ्लिक्स के सर्वर से रिप की गई है, जिससे वीडियो और ऑडियो की क्वालिटी ओरिजिनल रहती है।